Friday, April 9, 2010

bitiya ke janam-diwas par

बिटिया के जन्मदिवस पर
बालक है मेरे प्रेमपुष्प,
सींचती हूँ
mei ममत्व जल से
बालक है मेरे सूर्य पुंज
किरणों को उनकी चमकaती हूँ
अपनी उर्जा से
बालक है मेरे रजत चन्द्र
दमकती हूँ अपनी चांदनी से,
अम्बिका शुभम है मेरे गर्व गौरव्

शक्तिमान,dedipyaman है मेरी कामना से

बालक है मेरे मांगलिक दीप,
प्रज्ज्वलित है मेरे आशीर्वादों से,
हर माँ के समान ,मैने भी देखा है स्वप्न,
कुसुमित पल्लवित हो मेहेके जीवन क्यारी में,
संस्कारो की कड़ी धूप में निखरे कंचन से,
बडो का आदर,छोटो से प्यार करें दिल से,
नैतिकता व् राष्ट्रहित में लगे रहें मन से,
माँ पा के अनुशासन में, संरक्षण में,
आगे बढे जग से''........................
......................शालिनिअगम.

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